उदयपुर
उदयपुर
- क्षेत्रफल : १२५१० km2
- उदयपुर में संभागीय मुख्यालय है
- उपखण्ड – ४, तहसीले : १०
- माणिक्यलाल आदिन जाति शोध संस्थान, जयसमंद पिछोला झील, राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर की स्थापना महाराणा उदय सिंह ने १५५९ ई . में की गयी . १५६८ में मुगल शासक अकबर ने चित्तौड पर आक्रमण किया.
- उदयपुर झीलों की नगरी, राजस्थान का कश्मीर, पूर्व का वेनिस आदि उपनामो से प्रसिद्ध है . २००९ का विश्व का सर्वोत्तम शहर
- २००७ का द्वितीय सर्वोतम एशियाई शहर
- २००७ में ओबेराय उदयविलास होटल विश्व का सर्वोत्तम होटल घोषित
- जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान एशिया में सर्वोत्तम
- सर्वाधिक वन सम्पदा, और सर्वाधिक जलाशय
- राज्य में सर्वाधिक अदरक , हल्दी , सीताफल, ककड़ी, अंजीर, पपीता
- भैंस अनुसंधान व प्रजनन केन्द्र , वल्लभनगर
- राज्य में अरावली का सर्वाधिक विस्तार
- सर्वाधिक जैन आबादी, व सर्वाधिक जनजाति पाई जाती है
- जावर माइन्स में जस्ते व सीसे का उत्पादन
- हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, देबारी
- रोक फास्फेट , झामर कोटड़ा
- गुजरात की प्रमुख नदी साबरमती का उद्दगम स्थल
- सोम नदी , बिछाबेडा
- बेडच नदी, गोगुन्दा पर्वत
- आधुनिक राजस्थान के निर्माता मोहन लाल सुखाडिया की कर्मस्थली
- पंडित उदयशंकर भारतीये बेले के जनक
- पंडित रामनारायण प्रसिद्ध सारंगीवादक
- भारत का प्रथम मार्शल आर्ट विश्वविद्यालय
- माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान
- गवरी लोकनाट्य
- एकलिंगनाथजी का मन्दिर, कैलाशपुरी- निर्माण : 8 वीं शताब्दी में बप्पा रावल
- नीमच माता का मन्दिर
- जगदीश मन्दिर निर्माता - महाराणा जगत सिंह
- अम्बिका माता का मन्दिर , जगत गाँव में
- बोहरा गणेशजी का मन्दिर (खड़े हुवे गणेश जी के कारण प्रसिद्ध)
- ऋषभदेवजी का मन्दिर (धुलैव) (काले पत्थर की मूर्ति) इसको कालाजी व केशरियानाथ जी भी कहा जाता है
- मोती नगरी - फतह सागर झील के नजदीक है
- बागोर की हवेली निर्माता : ठाकुर अमरचंद बड़वा (इस हवेली में विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी स्थित है)
- सिटी पैलेस - निर्माता प्रारंभ : महाराणा उदयसिंह द्वारा
- लैक पैलेस अर्थात जग निवास (पिछोला झील के मध्य में टापू पर स्थित इस का निर्माण महाराणा जगसिंह द्वितीय अपने नाम पर इसका निर्माण करवाया
- पिछोला झील इसका निर्माण महाराणा लाखा के समय , पिछ्छू बनजारा ने करवाया था (दूध तलाई)
- फतह सागर - निर्माता : महाराणा जयसिंह 1678 में (पुननिर्माण : महाराणा फतेह सिंह) (इसमें नेहरु आईलेंड उद्यान है निर्माण - १४ नवम्बर १९६७ )(सौर वैधशाला निर्माण : 1975 में)
- जयसमंद झील एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील (ढेबर झील भी कहा जाता है) निर्माता : महाराणा जयसिंह . इस झील के निकट जयसमंद अभयारण्य का निर्माण कराया गया
- उदयसागर झील निर्माता : महाराणा उदयसिंह
- स्वरूप सागर निर्माता : महाराणा स्वरूपसिंह (उपनाम - कुम्भारिया तालाब)
- जियण सागर झील , निर्माता : महाराणा राजसिंह (उपनाम - बड़ी का तालाब)
- गुलाब बाग - निर्माता : महाराणा सज्जनसिंह, जंतुआलय १८७८ में स्थापित
- सहेलियों की बाड़ी - निर्माता : महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय
- आहड सभ्यता - आयड नदी के किनारे पर
- सज्जनगढ़ अभ्यारण्य - राजस्थान का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा अभयारण्यों
- फुलवारी की नाल अभयारण्य
- भारतीये लोक कला मण्डल स्थापना देवीलाल सामर द्वारा २२ फरवरी १९५२ में
- मेवाड महोत्सव
- शिल्पग्राम मेला
- नागदा - सास बहु का मन्दिर
- चावंड - चावंड की पहाडियों के बीच महराणा प्रताप का मृत्यु हुई थी (यहाँ से कुछ दूर बांडोली नामक स्थान पर इनको अग्नि दी गयी
- डबोक हवाई अड्डा



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