- अलवर
- राजस्थान का सिंह द्वार
- स्थापना १७७१ ई . में रावराजा प्रतापसिंह द्वारा की गयी
- प्राचीन नाम - सल्वपुर - सल्वर-हलवर-अलवर
- अरावली पर्वत श्रृंखला से घिरा होने के कारण यह अरवलपुर कहलाया
- सितम्बर 2004 में NCR में शामिल
- सर्वाधिक पंचायत समितियां - १४
- प्रथम प्याज मण्डी
- सर्वाधिक तम्बाकु की बुहाई
- सर्वाधिक भैंसे भी यहाँ ही पाई जाती है
- राजस्थान का स्कोटलैन्ड
- सिलीसेढ़ - झील (रूपारेल की सहायक नदियों का जल आता है) सिलीसेड झील अलवर की सबसे प्रसिद्ध और सुन्दर झील है। इसका निर्माण महाराव राजा विनय सिंह ने १८४५ में करवाया था।
- पाण्डुपोल
- भर्तृहरी उज्जैन के महाराजा का अंतिम दिन यहाँ ही बिताए
- तिजारा - अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा, भगवान चन्द्रप्रभु का जैन मन्दिर
- मूसी महारानी की छतरी - निर्माण - १८१५ में विनय सिंह द्वारा निर्मित (महाराजा बख्तावर सिंह व महारानी मूसी की याद में)
- तालवृक्ष - ॠषि मांडव्य
- कंपनी गार्डन - १८८५ में मंगल सिंह द्वारा निर्माण
- बरवा डूंगरी - नाइयों की कुल देवी नारायणी माता का मन्दिर
- भानगढ़ - १६३१ में माधोसिंह द्वारा बसाया गया
- होप सर्कल - वाइसराय लार्ड लिनलिथगो की पुत्री कुमारी होप
- निमुचना - किसान आंदोलन
- भिवाडी - नोटों की स्याही का कारखाना
- जयसमंद बांध- सन् १९१० में जयसिंह द्वारा निर्माण
- छापरवाडा बांध
- नीमराना दुर्ग
- कांकना वाडी किला - सरिस्का अभयारण्य में है
- विजय मन्दिर पैलेस का निर्माण महाराजा जयसिंह द्वारा निर्मित
- बाला दुर्ग - लघुराय द्वारा निर्मित जिसको रावण देहरा कहा गया (आगे चलकर हसन खां मेवाती ने बाला दुर्ग का निर्माण कराया)
- सरिस्का वन्य जीव अभयारण्य १९५५ में अभयारण्य घोषित , राजस्थान की दूसरी बाघ परियोजना १९७८-७९ शामिल किया गया,
- वन - खैर,जामुन, धौंक, चुरेल, सालर , जन्तुओ में बाघों के अलावा- तेंदुए, जरख, चिंकारा, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर
- सरिस्का पैलेस - १८९२ से १९०० के मध्य जयसिंह द्वारा निर्मित
- होटल टाइगर डेन
अलवर राजस्थान का सिंह द्वार
रविवार, जनवरी 29, 2012
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