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सौरमण्डल


Relative size of a brown dwarf system compared to ours
           सौरमण्डल
सूर्य + आठ ग्रह = सौरमण्डल
आठ ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण.
सूर्य की बढती दुरी के आधार पर ग्रह - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण.
आकार के आधार पर ग्रह बृहस्पति , शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल, बुध.
सौर मण्डल की उत्त्पति:-
वायव्य राशि परिकल्पना कान्ट के द्वारा
निहारिका सिद्धांत लाप्लास के द्वारा
ज्वारीय परिकल्पना जेम्स जीन्स और हेरोल्ड जेफरी के द्वारा
ग्रहपिंड परिकल्पना चैम्बरलिन एवं माल्टन के द्वारा
संयुक्त तारा परिकल्पना एच० एन० रसेल के द्वारा
सुपर नोवा परिकल्पना होयल तथा लिटिलटन के द्वारा

सूर्य
परिमंडल सूर्य के चारो और पतला वातावरण
वर्णमण्डल में भयानक गति वाली गर्म वायु होती है.
प्रकाशमण्डल सूर्य की दृश्य सतह है(सूर्य की ऊर्जा को प्रकाशमण्डल हि प्रकाश और ऊष्मा के रूप में प्रदत करता है.
केन्द्र का तापमान १५ मिलियम डिग्री
सतह का तापमान ५७६० डिग्री केल्विन है.
फ्रानहोफर रेखाएँ = सूर्य की सतह पर कुछ काली रेखाएँ दिखाई पडती है.
सूर्य पर अनेक काले धब्बे है. प्रतेक ११ वर्षों के अंतराल पर इन धब्बों की संख्या निम्नतम से उच्चतम और फिर उच्चतम से निम्नतम होती रहती है.
सौर प्रदीप्ति सूर्य की सतह से प्रकाश के विस्फोट के रूप में निकलने वाली ऊर्जा.
कॉस्मिक वर्ष = सूर्य आकाशगंगा का एक चक्कर 224 मिलियम वर्षों में लगाता है.
यदि कोई तारा सूर्य के आकार का हो तो इसके बाद वह श्वेत वामन बन जाता है.
कृष्ण विवर सिर्फ वे हि तारे कृष्ण विवर बन सकते है जो सूर्य से तीन गुना ज्यादा आकार वाले होते है. यह सीमा एस० चंद्रशेखर ने निर्धारित की थी. इसलिए इसको चन्द्रशेखर सीमा कहते है.
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