Type Here to Get Search Results !

सौरमण्डल के अन्य अवयव


सौरमण्डल के अन्य अवयव
क्षुद्र ग्रह
·         मंगल ओर बृहस्पति ग्रह के मध्य करोड़ो किलोमीटर क्षेत्र में भिन्न भिन्न आकार के पिंडों की पट्टी , जिनको क्षुद्र ग्रह कहा जाता है
·         सभी क्षुद्र ग्रह अन्य ग्रहों की तरह हि सूर्य की परिक्रमा करते है
·         कुछ की कक्षा पृथ्वी की कक्षा को काटती है और कुछ ने भूतकाल में पृथ्वी को टक्कर भी मारी है। एक उदाहरण महाराष्ट्र में लोणार झील है.
·         सबसे बड़ा क्षुद्र ग्रह हैं 'सेरेस'। इतालवी खगोलवेत्ता पीआज्जी ने इस क्षुद्रग्रह को जनवरी 1801 में खोजा था।
·         केवल 'वेस्टाल' ही एक ऐसा क्षुद्रग्रह है जिसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है.
·         'हिडाल्गो' नामक क्षुद्रग्रह की कक्षा मंगल तथा शनि ग्रहों के बीच पड़ती है।
धूमकेतु
हैली का धूमकेतु, सबसे प्रसिद्घ पुच्छल तारा है। इसका नाम प्रसिद्घ खगोलशास्त्री एडमंड हैली के नाम पर रखा गया है। 
सन् २००७ में होम्स धुमकेतू ( १७ P / होम्स )
नीली आयन पूंछ दिखाता हुआ
हेल-बॉप धुमकेतू २९ मार्च १९९७ में पेजिन ,
क्रोएशिया में देखा गया
धूमकेतु साधारणतया: पुच्छल तारे के नाम से जाने जाते है क्योंकि इनके लम्बी पूंछ होती है
सामान्यत: पुच्छल तारा पूंछ विहीन होता है परन्तु सूर्य के निकट जाने पर धूमकेतु का ठोस मध्य भाग जलकर गैसों को उत्पन्न करता है जो इस तारे की पूंछ का निर्माण करती है.
उल्कापिंड धरती में महाविनाश ला सकता हैउल्का
 अंतरिक्ष में घूमते आकाशीय पिण्ड जो धुल और गैस के बने होते है
 इनके पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण गिरने की प्रक्रिया को उल्कापात कहते है
सबसे बड़ा ज्ञात उल्कापात प्रागैतिहासिक काल में नामीबिया में हुआ था

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.